Awek avek.

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*मै थोड़ा उल्टा सोचता हूँ ..*

किसी ने कहा, ऑर्डिनेन्स लाकर राम मंदिर बनाओ,
किसी ने कहा, भाजपा राज्यसभा में बहुमत से आई तो राम मंदिर बनेगा...
मुझे नहीं लगता इसमें कोई खुश होने वाली बात है, क्योंकि यदि मंदिर बन भी गया तो २०-३० साल बाद तोड़ दिया जाएगा ।

मुसलमान संख्या उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न इलाको में ४०-५० प्रतिशत टच होते ही, आपकी उलटी गिनती शुरू हो जाएगी ।

यह मैं नहीं कह रहा ,
यह ट्रेंड कहता हैं, आंकड़े कहते हैं, इतिहास कहता है, ग्लोबली बिहेवियर कहता है मुस्लिम कम्युनिटी का ।
*जब आप और आपका "प्रोग्रेसिव" हिन्दू मित्र 'फैमिली प्लानिंग' करके बढ़िया जीवन शैली के लिए मात्र १ बच्चे पे रुकता है, तब सामान्यत: एक पढ़ा लिखा मुस्लिम, पंचर बनने वाला अब्दुल और फल बेचने वाला बशीर 4 या 5 बच्चो तक तो जाता ही है ।*
यदि आप सरकार या भाजपा से कुछ माँगना ही चाहते हैं तो जनसंख्या नियंत्रण क़ानून की मांग करें क्योंकि इसमें न तो कुछ कम्यूनल है और ये घटते संसाधनों के मद्देनज़र जनसँख्या संतुलन की मांग दरअसल 'नेचर और मदर अर्थ' के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी भी है ।
*ध्यान दीजिये जनसंख्या नियंत्रण हुआ तो ही मंदिर बचेंगे, पटरियाँ बचेंगी, फ़ैक्टरियाँ बचेंगी, शिवाला बचेंगे, गाय बचेंगी और आपकी स्वतंत्रता बचेगी ।*
अन्यथा, जो मेट्रो आज हम बना रहे है, कल को वो गज़वा मुल्क के म्युज़ियम में "हिंदू काल के दौरान की मशीनें" के नाम से शो केस की जाएँगी ।
४०-५० प्रतिशत का ब्रैकेट क्रॉस करते ही डेमोक्रेसी जाएगी चूल्हे भाड़ में और मुस्लिम शासन की नज़ीर तैयार होगी ।
हज़रत गंज लखनऊ में लाउड स्पीकर से ऐलान होगा कि सभी हिंदू परिवार आज परेड करें ।
वहाँ नए क़ानून बताए जाएँगे...
बुर्कानशीं हिंदू औरतें इस्लाम क़बूल करेंगी, घरों के नीचे काला और हरा झंडा लिए 'अल्लाह हू अकबर' का घोष करती हुई गाड़ियां निकल रही होंगी ।
उस दौर में ख़ून ख़राबा इतना आसान नही होगा इस लिए आराम से धर्मांतरण होगा तुम्हारा ।
ये भविष्य की तस्वीर एकदम खरी है ।
ट्रेंड्स और स्टेटस पढ़ा करिये, ग्राफ्स और चार्ट्स समझने की आदत डालिये ।
*विश्व का इतिहास पढ़िए, कश्मीर, अफ़ग़ान, ईरान, इराक आदि का इतिहास पढ़िए और आसपास के देशो में जो हो रहा है उससे अपने दिमाग के दरवाजे खोलने का प्रयास करें*
  राक्षस दरवाज़े पे खड़ा है लेकिन हिन्दू रज़ाई ओढ़ के आसमान के तारे देखने की ग़लतफहमी की मस्ती में है ।

भावुक न हों, जाग जाएँ, बी रेशनल...
५०००-१०००० वर्षो पुरानी सभ्यता जो आज तक टिकी रही अपनी जनसँख्या भरोसे, वो अपने अंतिम पड़ाव में है, संधि काल में है, दरकने को है , बस अगले २०-३० साल...

यदि पूरा लेख पढ़ा है तो आपको अपने धर्म की और आने वाली पीढ़ी की चिंता है।
खुद सोचिए क्या करना चाहिए

             प्रथम आवश्यकता

       *जनसंख्या नियंत्रण कानून*
           🙏वन्दे मातरम्🇳🇪

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